ममता की छाँव का मान कीजिये माँ का कभी ना अपमान कीजिये ! ममता की छाँव का मान कीजिये माँ का कभी ना अपमान कीजिये !
मांँ मेरा पहला प्यार, जिसने दिखलाया संसार , नया मुझे नया आकार दिया! मांँ मेरा पहला प्यार, जिसने दिखलाया संसार , नया मुझे नया आकार दिया!
कुल्हाड़ी तन पर चलेगी आज हरी हूँ मैं कल पीली हो जाऊँगी मैं। कुल्हाड़ी तन पर चलेगी आज हरी हूँ मैं कल पीली हो जाऊँगी मैं।
तुमने एक मकान बनाया, छाया की पहल की, हमने उसे घर बनाया, उस मधु शीतलता दी, तुमने एक मकान बनाया, छाया की पहल की, हमने उसे घर बनाया, उस मधु शीतलता दी,
उस का निवास जैसे दिल का जादुई चिराग़ मन में प्रज्वलित होती है मिलन की शीतल आग उस का निवास जैसे दिल का जादुई चिराग़ मन में प्रज्वलित होती है मिलन की शीतल आग
जो छिपाना न पड़े कभी वो बात बनना चाहती हूँ। जो छिपाना न पड़े कभी वो बात बनना चाहती हूँ।